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Ganesh Mantra

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Ganesh Mantra:  गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है । जिस व्यक्ति पर गणेश जी की कृपा हो जाए उसके जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाते हैं । हिंदू संस्कृति में भगवान श्री गणेश को सर्वोच्च स्थान दिया गया है ।हर एक शुभ कार्य में भगवान गणेश जी का पूजा किया जाता है । गणेश जी अपनों भक्तो के भक्ति से प्रसन्न हो जाते है  इसलिए गणेश जी को प्रसन्न करना बहुत ही सरल है ।

आज हम इस पोस्ट में श्री गणेश को शीघ्र ही प्रसन्न करने के खास मंत्र के बारे में बताएँगे । जिनका नियम अनुसार जाप करने पर भगवान श्री गणेश जी का आशीर्वाद मिल सकता है । यहां कुछ सरल और प्रभावी गणपति मंत्र दिए गए हैं:

Ganesh Mantra

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Sukhkarta Dukhharta Marathi Lyrics
Sukhkarta Dukhharta Marathi Lyrics

ॐ गं गणपतये नमः 
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ 
गजाननं भूतगणादि सेवितं कपित्थ जम्बूफलचारु भक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारणं नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम्॥ 
विघ्नहर्ता श्रीगणेशाय नमः
लं गं गणेशाय नमः 
ओम् श्री गणेशाय नमः
विनायकाय नमः 
गजवक्त्राय नमः 
वक्रतुण्डाय नमः
लं लं गणपतये नमः
गं गं गणपतये नमः 

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गणेश मंत्र का महत्व

गणेश मंत्र का भक्तिपूर्वक जाप करने से व्यक्ति अपने विभिन्न दुखों से छुटकारा पा सकता है । धार्मिक मान्यताओ के अनुसार गणेश जी को एक देवता के रूप में माना गया है जो अपने सभी भक्तों के दुःख हर लेते है । इसीलिए लोग विघ्नहर्ता कहते है । हिन्दू धर्म के अनुसार किसी भी कार्य शुरुयात करने से पहले गणेशजी की पूजा अर्चना की जाती है। गणेशजी को शिवजी व सभी देवताओ का वरदान प्राप्त है जिसके कारण सबसे पहले उनकी पूजा होती है ।

गणेशजी को गणपति कहा जाता है क्योंकि बह भगवान शिव जी की सभी गणों के ईश् अर्थात प्रमुख है । गणेश मंत्र सभी बाधाओं का दूध करने वाला है । मन को स्थिर और संतुलित बनाते है। व्यक्ति को शांत बनता है । एकाग्रता में सुधर करते है । किसी भी समस्या का सामना करने के लिए यह मंत्र हमे क्षमता देते है। यहीं मंत्र आधात्मिक तथा भौतिक उन्नति भी करते है । जीवन की गुणवत्ता को सुधरता है तथा मन को सुद्ध और पवित्र करता है ।

गणेश जी का मंत्र जाप

गणेश जी का मंत्र जाप करने के लिए कुछ विशेष बाते जो ध्यान रखनी है सबसे पहली बात रुद्राक्ष या तुलसी की माला पर ही करना चाहिए । मंत्र का जाप करने के समय माला का प्रयोग करना सबसे अच्छा रहता है । जिस माला का प्रयोग करेंगे वह शुद्ध होनी चाहिए । जाप करने से पहले स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करनी चाहिए ।

गणपति मंत्र को शुरू करने से पहले आसन बिछाकर धूप बत्ती जला लेनी चाहिए । जी हा एक बात का जरूर ध्यान रखेंगे अगरबत्ती नहीं जलाना चाहिए धूपबत्ती जलाना चाहिए । मंत्र जप करने से पहले गणेशजी का ध्यान करना कदापि न भूले । गणेश जी के मंत्र को जपने से पहले यह भी ध्यान रखना है कि हमें किस समय पर करना है तो इसे ब्रह्म मुहूर्त में करना सबसे अच्छा माना जाता है और एक मुद्रा होती है जिसमें बैठकर इसका जब करना चाहिए वह सबसे ज्यादा लाभकारी होती जिसे हम लोग कहते हैं वज्रासन ।

तो विद्वानों का मानना है कि अगर आप वज्रासन आसन में बैठकर भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करते हैं तो आपको इससे लाभ ज्यादा मिलता है साथ ही जितने मंत्रों का अपने संकल्प लिया है उतने मंत्र तो जरूर करें अन्यथा अगर बीच में छोड़ दिया तो यह अच्छा नहीं होता है इससे आपका कोई नुकसान नहीं होने वाला है लेकिन आप भगवान गणेश का आपको आशीर्वाद जो है वह मिलने से वंचित रह जाते हैं ।

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